Results of the Russia-India Youth Essay Contest

Results of the Russia-India Youth Essay Contest

17 November 2023

On November 17, a ceremony was held to announce and reward the winners of the Russia-India youth essay competition, which was organised for students of Russian and Indian universities by the Centre for South Asian Studies of the Institute for International Studies of MGIMO University together with the school of the Hindi language “Hindi Guru”, with the assistance of Rossotrudnichestvo and Jawaharlal Nehru Cultural Centre, Embassy of India (Moscow).

The Organising Committee received a total of 46 works: 15 in the Hindi language (from Russian participants), 31 – in Russian (from Indian participants). Among them the Committee selected 17 essays that met all of the required criteria.

The topics of the participants’ essays encompassed almost all aspects of Russia-India relations: history, culture, politics, economics. Some works focused on cooperation in the spheres of energy, space, education.

Nina Gubanova, a 4th year student of IAAS MSU, became a winner among Russian participants. Second place was awarded to Maria Kuchmenko (3rd year of School of International Relations, MGIMO). Third place was shared by Maria Barskaya (2nd year, School of International Relations, MGIMO) and Anastasia Mikhailova (4th year of IAAS MSU). There was only one winner among the Indian participants – Shrishti Sharma, a student of Bashkir State Medical University.

All winners and awardees of the Competition received diplomas and memorable presents. Other participants obtained certificates.

We thank everyone for the interest in the Competition. We are sure that the competition will become another important step on the way of popularisation of the Hindi language in Russia and of Russian in India.

The competition was organised within the framework of the strategic academic leadership programme “Priority 2030”.


रूस-भारत युवा निबंध प्रतियोगिता के परिणाम

१७ नवम्बर रूस-भारत युवा निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा और पुरस्करण का समारोह हो गया। यह प्रतियोगिता रूसी और भारतीय विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए मास्को राजकीय अंतरराष्ट्रीय संबंधों के इंस्टीट्यूट (म्गिमो विश्वविद्यालय) के अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान इंस्टीट्यूट के दक्षिण एशिया अनुसंधान केंद्र और और «हिंदी गुरु स्कूल» शि़क्षा प्लेटफ़ार्म द्वारा, Rossotrudnichestvo तथा जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय दूतावास (मास्को) के सहयोग से आयोजित की गयी।

आयोजकों को कुल मिलकर ४६ निबंध मिले: हिन्दी में (रूसी भगियों से) १५ निबंध तथा रूसी में (भारतीय भगियों से) ३१ निबंध। इन में से १७ निबंध चुने गये, जो प्रतियोगिता की सभी कसौटियों के अनुकूल थे।

भागियों के निबंधों के विषयों में रूस-भारत संबंधों के लगभग सभी कार्यक्षेत्र शामिल थे: इतिहास, संस्कृति, राजनीति, अर्थव्यवस्था। कुछ निबंध ऊर्जा, अंतरिक्ष, शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित थे।

रूसी भागियों में से मॉस्को विश्वविद्यालय के एशिया-अफ़्रीका अध्ययन के इंस्टिट्यूट में दूसरे वर्ष की विद्यार्थिनी Nina Gubanova ने प्रथम पुरस्कार पाया। Maria Kuchmenko ने (म्गिमो के अन्तरराष्ट्रीय संबंधों के विभाग में तीसरे वर्ष की विद्यार्थिनी) दूसरा स्थान पाया। तीसरे स्थान पर दो विद्यार्थी हैं: म्गिमो के अन्तरराष्ट्रीय संबंधों के विभाग में दूसरे वर्ष से Maria Barskaya और मॉस्को विश्वविद्यालय के एशिया-अफ़्रीका अध्ययन के इंस्टिट्यूट में चौथे वर्ष से Anastasia Mikhailova। भारतीय भागियों के बीच एक ही विद्यार्थी विजेता बन गया – बश्किरिया के राजकीय चिकित्सा विश्वविद्यालय की छात्रा Shrishti Sharma।

प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को डिप्लोमा और स्मरणीय भेंटें मिलीं। शेष भागियों ने प्रमाणपत्र पाये।

हम सभी को रुचि के लिए धन्यवाद देते हैं! हमें विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में रूसी भाषा और रूस में हिन्दी भाषा के लोकप्रियकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बन जाएगा!

प्रतियोगिता रणनीतिक अकादमिक नेतृत्व के "प्राथमिकता २०३०" प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित किया गया था।